Breaking
- नवोदय की कार्यशाला में छात्राओं ने सीखी 3डी प्रिंटिंग और रोबोटिक्स तकनीक
- प्रोजेक्ट सम्बल : कहेगांव में 15 दिव्यांगजनों ने सीखा साबुन, हैंडवॉश और फिनाइ...
- नवोदय विद्यालय में विद्यार्थियों ने सीखी ड्रोन, एआर और वीआर तकनीक
- आरक्षण के मुद्दों पर 25 अक्टूबर को निकलेगी महारैली
- शक्तिधाम में कामधेनु महायज्ञ और गौ-कथा 16 से, आज निकलेगी शोभायात्रा
- मां दुर्गा की आराधना के साथ नवरंग गरबा नाइट का शुभारंभ, पहले दिन जमकर थिरके युवा
- छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में राजनांदगांव के 26 खिलाड़ियों को मिला स्थान
- 13 अक्टूबर को घुमका में लगेगा रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविर, तैयारियां पूर्ण
- आवसीय पट्टा योजना सर्वे में अनियमितता, आसिफ अली ने प्रशासन को घेरा
- 91 मनोकामना ज्योति कलशों की रोशनी से जगमगाया शक्तिधाम
आरक्षण के मुद्दों पर 25 अक्टूबर को निकलेगी महारैली

राजनांदगांव। सामाजिक न्याय, समान अवसर और संविधान प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर 25 अक्टूबर को राजनांदगांव में संवैधानिक आरक्षण बचाओ रैली 2.0 निकाली जाएगी। जेन-जी युवा वर्ग, छत्तीसगढ़ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकार चर्चा, महारैली और रोजगार मार्गदर्शन के जरिए युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक भी हुई।
आयोजकों के मुताबिक, रविवार सुबह 11 बजे ईमाम चौक, ओवरब्रिज के नीचे से रैली शुरू होगी। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग सहित विभिन्न वर्गों के संवैधानिक अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
रैली के माध्यम से पदोन्नति में आरक्षण, विभिन्न विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती, बैकलॉग पदों को भरने और आरक्षण रोस्टर का पालन सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी। आयोजकों ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और छात्रावास की राशि समय पर उपलब्ध कराने तथा शिक्षा और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने की जरूरत भी बताई है।
मांगपत्र में आउटसोर्सिंग और संविदा भर्ती के कारण आरक्षण व्यवस्था कमजोर होने से रोकने, निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा स्थानीय स्वशासन में संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने, युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों का विस्तार करने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की जाएगी।
आयोजकों ने युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों से रैली में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि अधिकार चर्चा, महारैली और रोजगार मार्गदर्शन के माध्यम से सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।











