Breaking

पहली बारिश में बह गया भ्रष्टाचार का पुल, दोषियों पर एफआईआर हो : जितेंद्र मुदलियार

छत्तीसगढ़ 06 July 2026 (13)

post

देश24 न्यूज: 

राजनांदगांव। शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने बरगा रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जून में लोकार्पित करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज ने पहली ही बारिश में दम तोड़ दिया। पुल के बड़े हिस्से में चौड़ी दरारें उभर आई हैं और सड़क दो भागों में बंटती दिखाई दे रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

निरीक्षण के दौरान मौके पर पहुंचे डीआरएम दीपक गुप्ता के समक्ष जितेंद्र मुदलियार ने घटिया निर्माण, निर्माण एजेंसी और प्रभारी इंजीनियर की भूमिका पर आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा आवश्यकता पड़ने पर ओवरब्रिज का पुनर्निर्माण कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों को हर हाल में जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि यह केवल एक पुल की नहीं, बल्कि पूरे निर्माण तंत्र की विफलता का उदाहरण है। जिस पुल का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना था, वह पहली ही बारिश में दरक गया। इससे स्पष्ट है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की डबल इंजन सरकार में भ्रष्टाचार ही विकास का ईंधन बन गया है। रेलवे जैसे संवेदनशील विभाग में भी भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा देखने को मिल रही है। बरगा ही नहीं, जून में लोकार्पित मुसरा और आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज भी धंस रहे हैं। इन तीनों परियोजनाओं पर 80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हुई है। ऐसे में यह संदेह स्वाभाविक है कि निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया। उन्‍होंने कहा कि अब तक जिन किसानों की जमीन पर यह ब्रिज खड़ा है उन्‍हें मुआवजा तक नहीं मिल पाया है और यह दरकने लगा है। उन्‍होंने इसे भाजपा शासन की अंधेरगर्दी करार दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत पहली बारिश में उखड़ती सड़कों और धंसते पुलों के रूप में सामने आ रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को सुरक्षित अधोसंरचना नहीं मिल रही है। यह केंद्र सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है।

मुदलियार ने सांसद संतोष पांडे पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अपने ही संसदीय क्षेत्र में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की यह स्थिति है, लेकिन सांसद पूरी तरह मौन हैं। राजनांदगांव शहर की जनता दो वर्षों से दो अंडरब्रिज की प्रतीक्षा कर रही है, जबकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता लगातार सवालों के घेरे में है। इस दौरान साथ में वीरेंद्र चंद्राकर, देवेश वैष्णव, ललित कुमरे, राजेश सेवता ,रईस गोरी, लोकेश सहारे और अमित कुशवाहा मौजूद रहे।


You might also like!


RAIPUR WEATHER