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गरबा आयोजनों में सांस्कृतिक मर्यादा और सुरक्षा की मांग, हिंदू जागरण मंच ने सौंपा ज्ञापन

राजनांदगांव। शारदीय नवरात्रि पर्व के दौरान जिले में आयोजित होने वाले गरबा एवं डांडिया कार्यक्रमों में धार्मिक व सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हिंदू जागरण मंच (जिला राजनांदगांव) ने सोमवार को जिलाधीश एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। मंच ने प्रशासन से गरबा आयोजनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने, रात्रि 10 बजे की समय-सीमा का पालन कराने, अश्लील गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित करने सहित सख्त आचार संहिता लागू करने की मांग की है।
धार्मिक गरिमा और समय-सीमा का ध्यान रखें आयोजक
ज्ञापन सौंपते हुए हिंदू जागरण मंच के प्रतिनिधियों ने कहा कि नवरात्रि हिंदू समाज का अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दौरान गरबा और डांडिया मां दुर्गा की आराधना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए मनोरंजन के साथ-साथ धार्मिक गरिमा, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है। मंच ने मांग की है कि गरबा कार्यक्रमों की अनुमति केवल रात्रि 10 बजे तक ही दी जाए और इसके बाद ध्वनि-विस्तारक यंत्रों को तुरंत बंद कराया जाए।
फूहड़ गीतों पर रोक और स्पष्ट आचार-संहिता
आयोजनों में अश्लील व द्विअर्थी गीतों के बजाने पर रोक लगाने की मांग करते हुए मंच ने सुझाव दिया कि आयोजक पहले से ही गीतों की सूची निर्धारित करें। साथ ही, गरबा स्थलों पर प्रवेश नियम, वेशभूषा, ध्वनि सीमा और सुरक्षा संबंधी निर्देशों के साथ स्पष्ट आचार-संहिता प्रदर्शित की जाए।
सुरक्षा, सीसीटीवी और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक
मंच ने निजी व धार्मिक आयोजनों में पहचान-पत्र और पास के जरिए प्रवेश व्यवस्था करने की बात कही, ताकि गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित किया जा सके। इसके अलावा, महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन निकास और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
प्रशासन से मांग की गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और आवश्यकता पड़ने पर अनुमति निरस्त की जाए। मंच ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य फैलाना नहीं, बल्कि धार्मिक आयोजनों को अनुशासित, सुरक्षित और सांस्कृतिक मर्यादा के अनुरूप संचालित कराना है।











