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गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग, 151 कलशों के साथ निकाली शोभायात्रा

राजनांदगांव। गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गोवंश के प्रति क्रूरता रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग को लेकर गुरुवार को शक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति ने प्रदर्शन किया। समिति के पदाधिकारियों के साथ लगभग 200 महिलाओं ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद शारदीय नवरात्र महोत्सव के तहत 151 कलशों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
शक्तिधाम अघोर शोध एवं जनकल्याण आश्रम, बापूटोला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ज्ञापन के माध्यम से समिति ने शहर में गोवंश के प्रति क्रूरता की घटना पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही गौ हत्या और गोवंश पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त दंडात्मक प्रावधान बनाने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने के बाद शक्तिधाम के बैनर तले 151 कलशों के साथ शोभायात्रा निकाली गई। इसमें महिलाओं के साथ आयोजन समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शोभायात्रा को देखने और इसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल रहा।
शारदीय नवरात्र महोत्सव के अवसर पर शक्तिधाम अघोर शोध एवं जनकल्याण आश्रम, बापूटोला में शुक्रवार, 16 अक्टूबर से तीन दिवसीय कामधेनु महायज्ञ एवं गौ-कथा शुरू होगी। आयोजन 18 अक्टूबर तक चलेगा।
आयोजन समिति के अनुसार, महायज्ञ और गौ-कथा का उद्देश्य गौ माता के महत्व, उनके प्रति धार्मिक आस्था और गोवंश संरक्षण के दायित्व को जन-जन तक पहुंचाना है। समिति ने गौभक्तों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन का लाभ लेने की अपील की है।











