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बायोडीजल प्लांट के प्रदूषण से परेशान फुलझर-मगरलोटा के ग्रामीण, भीम आर्मी ने दिया उग्र आंदोलन का आश्वासन

राजनांदगांव। समीपस्थ ग्राम पंचायत फुलझर और मगरलोटा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र इन दिनों एक निजी बायोडीजल प्लांट द्वारा फैलाए जा रहे भीषण प्रदूषण से बदहाल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 'न्यू लुक बायोफ्यूल प्रा. लि.' बायोडीजल प्लांट से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट और जहरीले धुएं ने क्षेत्र के पर्यावरण को पूरी तरह तबाह कर दिया है। पीड़ित ग्रामीणों ने भीम आर्मी भारत एकता मिशन के बैनर तले अपनी समस्याएं रखीं, जिस पर संगठन ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और न्याय न मिलने तक उग्र आंदोलन चलाने का भरोसा दिलाया है।
पेयजल स्रोत दूषित, छतों पर जम रही काली परत
ग्रामीणों ने बताया कि फैक्ट्री से निकलने वाले खतरनाक केमिकल के कारण गांवों के कुएं, नल और हैंडपंप का पानी बदबूदार और जहरीला हो चुका है, जिससे पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इतना ही नहीं, चिमनियों से निकलने वाले धुएं के कारण घरों की छतों, दीवारों और आंगनों पर काली चिपचिपी परत जम रही है। इस जहरीली हवा के संपर्क में आने से ग्रामीणों में सांस लेने में तकलीफ और त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
काली पड़कर नष्ट हो रही हैं फसलें, किसान बेहाल
प्रदूषण की सबसे बुरी मार क्षेत्र के किसानों पर पड़ रही है। किसानों का आरोप है कि प्रदूषित पानी से सिंचाई और हवा में तैरते रासायनिक कणों के कारण उनकी खड़ी फसलें काली पड़कर बर्बाद हो रही हैं। खेतों की उर्वरता लगातार घट रही है, जिससे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 और जल-वायु प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
भीम आर्मी ने संभाला मोर्चा, प्रशासन को दी चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए भीम आर्मी भारत एकता मिशन के जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार शेंडे और जिला संगठन मंत्री इमानवेल सिंह ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। संगठन ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद और राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के मार्गदर्शन में इस लड़ाई को दिल्ली तक लड़ा जाएगा।
भीम आर्मी ने प्रशासन से निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं:
राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) द्वारा प्लांट का तत्काल स्वतंत्र पर्यावरण ऑडिट कराया जाए।
फिल्टर और प्रदूषण नियंत्रण उपकरण दुरुस्त होने तक प्लांट के संचालन पर तुरंत रोक लगे।
प्रभावित गांवों में त्वरित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और मेडिकल शिविर लगाए जाएं।
फसल और स्वास्थ्य के नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
भीम आर्मी ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते न्यू लुक बायोफ्यूल प्लांट पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो संगठन ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक जन-आंदोलन और कानूनी लड़ाई छेड़ेगा। जब तक फुलझर व मगरलोटा के निवासियों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।










